सिविल सेवा: देश सेवा का सर्वोच्च मंच, पूरी समर्पण से करें तैयारी
जबलपुर: राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' (शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय) में एक विशेष प्रेरणादायी सत्र का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस व्याख्यान में विद्यार्थियों को सिविल सेवा के क्षेत्र में करियर बनाने की बारीकियों से अवगत कराया गया।
रणनीति और समय प्रबंधन है सफलता की कुंजी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अभिषेक पिल्ले ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया:
- कुशल प्रबंधन: सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए सटीक रणनीति और समय का बेहतर तालमेल सबसे आवश्यक है।
- बहुआयामी अध्ययन: परीक्षार्थियों को केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित न रहकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला एवं संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में अपना ज्ञान बढ़ाना चाहिए।
- समसामयिकी: उन्होंने समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) पर पैनी नजर रखने और उनके व्यावहारिक प्रभाव को समझने की सलाह दी।
देश सेवा का सर्वोच्च मंच
संभागीय नोडल अधिकारी प्रो. अरुण शुक्ल ने प्रशासनिक सेवाओं के गौरवशाली पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र महज एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और अटूट समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उपस्थिति
इस शैक्षणिक सत्र में डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. तरुणेन्द्र साकेत और प्रियंका शर्मा सहित कॉलेज के 42 उत्साही विद्यार्थी मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों के संशयों का समाधान किया और उन्हें आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
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