1.40 करोड़ छात्र-छात्रों व शिक्षकों ने ली ‘नशा मुक्ति’ की शपथ
लखनऊ । प्रदेश नशा से दूर रहे इसके लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में एक तरफ जहां सीएम योगी के निर्देश पर बनी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) नशे के सौदागरों पर कार्रवाई कर रही है। वहीं दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बच्चों को नशा के दुष्प्रभाव बताकर जागरुक किया जा रहा है। इस कड़ी में सोमवार को परिषदीय विद्यालयों के 1.40 करोड़ छात्र- छात्राओं और शिक्षकों को नाश मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
योगी सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में सुधार और उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार सकारात्मक कदम उठाये जा रहे हैं। इसके लिए बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग समय-समय पर सकारात्मक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सभी परिषदीय विद्यालयों में श्नशा मुक्तिश् सम्बन्धी शपथ दिलाई गयी। सोमवार की सुबह 09 बजे होने वाले इस शपथ समारोह में प्रदेश के लगभग 1.40 करोड़ बच्चों के साथ परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने भी श्नशा मुक्तिश् सम्बन्धी शपथ ली। इस दौरान छात्रों और शिक्षकों को नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने और कभी भी नशा ने करने की शपथ दिलाई गयी।
इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नशाखोरी कम करने के लिए श्नशा मुक्त प्रदेश, सशक्त प्रदेशश् के लिए भी आवश्यक कदम उठाये जा चुके हैं। सीएम योगी ने नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिये पहले ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन कर लिया है। यह कदम मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त अपराधी और माफियाओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की गरज से लिया गया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दिशा निर्देशन में नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में 1.40 करोड़ छात्र- छात्राओं और शिक्षकों को नाश मुक्ति शपथ दिलाई गई। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पहले से ही प्रयासरत हैं। उन्होंने श्नशा मुक्त प्रदेश-सशक्त प्रदेशश् अभियान के तहत इसकी शुरुआत पहले से ही कर दी है, जिसको लेकर प्रदेश के सभी विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ज्ञातव्य हो कि नशा मुक्त प्रदेश-सशक्त प्रदेशश् के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योगी सरकार समाज के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रख रही है। नशीली दवाओं अथवा नशा का उपयोग करने वाले व्यक्तियों पर भी योगी सरकार की नजर बनी हुई है। सरकार द्वारा ऐसे व्यक्तियों से नशा छोड़ने की अपील की जा रही है और उन्हें नशा से होने वाली हानियों और परिवार व समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में आगाह किया जा रहा है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए युवाओं के बीच नशीली दवाओं की मांग को हतोत्साहित करने के प्रयास हो रहे हैं। सोमवार को स्कूल, कॉलेज और गैर-सरकारी संस्थानों को नशा मुक्ति अभियान से जोड़कर नशा मुक्त प्रदेश बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
Naxal Surrender: नक्सल संगठन को बड़ा झटका, सुकमा में 22 नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर
Chhattisgarh में बोर्ड एग्जाम की उलटी गिनती शुरू, गोपनीय सामग्री लेकर पुलिस सुरक्षा के साथ निकले शिक्षक
सलीम खान की बिगड़ी तबीयत, लीलावती अस्पताल में हुए भर्ती; हॉस्पिटल पहुंचे सलमान खान
Grand Mufti of India: कौन हैं केरल में जन्मे मुस्लिमों के मसीहा शेख अबू बक्र अहमद? PM Modi से मुलाकात की हो रही चर्चा
CG Liquor Scam: सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई
जब काम मांगने 'धुरंधर' फेम डायरेक्टर आदित्य धर के पास गई थीं मृणाल ठाकुर, एक्ट्रेस ने साझा किया किस्सा
T20 WC 2026: भारत बनाम नीदरलैंड, संभावित प्लेइंग 11 और हार्दिक-बुमराह को आराम
Surya Grahan 2026: आज आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, क्या भारत में भी लगेगा सूर्य ग्रहण, जानिए टाइमिंग
सबरीमाला में महिलाओं के साथ भेदभाव मामले में नौ जजों की पीठ गठित