प्रशासन की 21 टीमों ने एक साथ गैस एजेंसियों पर की छापेमारी
दमोह। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कृत्रिम किल्लत, अवैध भंडारण और कालाबाजारी की शिकायतों को लेकर मोहन यादव सरकार की सख्ती के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट हो गया है। सूबे के मुखिया के निर्देश पर जिला कलेक्टर्स को इस पर पैनी नजर रखने और त्वरित एक्शन लेने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में दमोह जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने गैस माफियाओं और मुनाफाखोरों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
कलेक्टर की सीक्रेट प्लानिंग: 21 टीमों ने एक साथ दी दबिश
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं की तरफ से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उपभोक्ताओं का आरोप था कि एजेंसियां समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दे रही हैं और इसके एवज में मोटी रकम (ज्यादा कीमत) वसूली जा रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने बेहद गोपनीय तरीके से एक संयुक्त रणनीति तैयार की और एक ही समय पर जिले की 20 गैस एजेंसियों तथा एक निजी संदिग्ध के ठिकाने पर छापेमारी के लिए 21 अलग-अलग टीमों को रवाना कर दिया।
रजिस्टर और गोदाम के स्टॉक में भारी अंतर, 15 एजेंसियां दोषी
जब प्रशासनिक टीमों ने एक साथ गैस गोदामों और दफ्तरों के रिकॉर्ड खंगाले, तो उपभोक्ताओं की शिकायतें शत-प्रतिशत सच साबित हुईं। जांच के दौरान जिले की 15 बड़ी गैस एजेंसियों में भारी अनियमितताएं पकड़ी गईं। भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान कुल 2,138 एलपीजी सिलेंडर के रिकॉर्ड में बड़ी हेराफेरी मिली; कई जगहों पर रजिस्टर में दर्ज संख्या से सिलेंडर गायब थे, तो कई जगहों पर बिना एंट्री के अवैध स्टॉक डंप किया गया था। इन सभी एजेंसियों का स्टॉक रजिस्टर पूरी तरह बोगस पाया गया।
प्राइवेट ठिकाने से 22 'उज्ज्वला योजना' की पासबुक बरामद
एजेंसियों के अलावा टीम ने एक निजी व्यक्ति के रिहायशी ठिकाने पर भी दबिश दी। वहां की तलाशी लेने पर अधिकारियों के होश उड़ गए। उस व्यक्ति के पास से अवैध रूप से रखी गई 23 गैस कनेक्शन पासबुक जब्त की गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 22 पासबुक गरीब महिलाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' की थीं, जबकि एक सामान्य घरेलू कनेक्शन की थी। आशंका जताई जा रही है कि गरीबों के हक के सिलेंडरों को ब्लैक में बेचने के लिए यह पासबुकें जमा की गई थीं।
लाइसेंस होंगे सस्पेंड, होगी कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि जनता की आवश्यक सुविधाओं से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गड़बड़ी करने वाली सभी 15 गैस एजेंसियों के संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उनके लाइसेंस निरस्त करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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