इंटरनेट से जुड़ीं यूपी की 46,729 ग्राम पंचायतें
लखनऊ । योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करने के लिए भारतनेट परियोजना को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से योगी सरकार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़कर उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बना रही है। भारत नेट परियोजना के माध्यम से प्रदेश में 46,729 ग्राम पंचायतें इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं।
बता दें कि भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से इंटरनेट से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इस योजना के तहत देश के सभी 2.64 लाख ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस साल अक्टूबर के अंत तक भारत नेट के पहले और दूसरे चरण के तहत लगभग 2.14 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है। इस परियोजना में जहां बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं, वहीं कुछ चुनौतियों का समाधान भी किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर 2024 तक कुल 46729 ग्राम पंचायतों को भारत नेट परियोजना के अंतर्गत ऑप्टिकल फाइबर केबल/सैटेलाइट लिंक से जोड़ा जा चुका है। वहीं महाराष्ट्र में 24575, मध्य प्रदेश में 17850, गुजरात के 14316, आंध्र प्रदेश के 12955 और पंजाब के 12668 ग्राम पंचायत भारत नेट परियोजना से आच्छादित हो चुकी हैं।
4जी सैचुरेशन परियोजना की सफलता के लिए बिजली कनेक्शन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी में कुल 132 स्थलों में से 90 स्थलों पर भूमि अधिग्रहण हुआ। इसमें से 39 जगहों पर बिजली कनेक्शन प्रदान कर दिए गए हैं। पश्चिमी यूपी के क्षेत्र में 42 स्थलों में से 21 पर कनेक्शन दिए गए हैं। यूपी के 22 स्थलों को ष्टेक्निकली नॉट फीज़िबलष् (ज्छथ्) के रूप में चिह्नित किया गया है, जिनमें से 20 घने जंगल क्षेत्रों में स्थित हैं। योगी सरकार ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया है कि लंबित कनेक्शनों को शीघ्रता से जोड़ा जाए और तकनीकी बाधाओं के लिए वैकल्पिक समाधान निकाले जाएं। दिसंबर 2024 तक 8,568 नए एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन जोड़ने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल यूपी का सपना साकार करने के लिए विभिन्न विभागों को समन्वय बढ़ाने और परियोजना से जुड़े मुद्दों का समाधान करने का निर्देश दिया है। योगी सरकार ने ग्राम विकास अधिकारियों-पंचायत सचिवों को भारतनेट उपकरणों की देखरेख और उपयोगिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। इसके तहत जिलों में ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी (संरक्षक) की नियुक्ति होगी। इसके अलावा फाइबर केबल को जहां ‘हर घर जल योजना,’ सड़क चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्यों के कारण क्षति पहुंची है, वहां इन्हें पुनः स्थापित करने का कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। वन विभाग को लंबित भूमि आवंटन पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। साथ ही ऊर्जा विभाग को बिजली कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज करने और कठिन स्थलों के लिए समाधान तलाशने का निर्देश दिया गया है।
भारतनेट परियोजना देश के दूरदराज व ग्रामीण इलाकों में न केवल हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान कर रही है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और आर्थिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण साधन भी बन रही है। इस परियोजना के पूरा होने से गांवों के लोग डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारतनेट परियोजना के जरिए डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर है। गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने का यह प्रयास राज्य को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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