अस्पताल पहुंचाने के बाद दोनों ने किया इनाम का दावा
बड़वानी: एक घायल और दो 'मददगार'; 25 हजार के इनाम के लिए आपस में भिड़े दो युवक, जानें क्या है पूरा मामला
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ मानवता की मिसाल पेश करने के बाद दो युवक इनाम की राशि को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने के बाद दो राहगीरों के बीच इस बात को लेकर विवाद हो गया कि आखिर असली 'मददगार' कौन है। इस विवाद की मुख्य वजह प्रदेश सरकार की 'राहवीर योजना' है, जिसके तहत घायल की जान बचाने वाले को प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
क्या है विवाद की जड़?
अंजड़ थाना क्षेत्र के मेहगांव डेब गांव के पास एक पिकअप और बाइक की टक्कर में सुनील नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सही समय पर अस्पताल पहुँचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई। अब इस नेक काम के बदले मिलने वाली 25 हजार रुपये की सम्मान राशि पर दो युवक अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं।
दावेदार नंबर 1: विकास पटेल का पक्ष
विकास पटेल के अनुसार, उन्होंने घायल सुनील को सड़क पर तड़पते हुए देखा था। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन जब काफी देर तक मदद नहीं पहुँची, तो उन्होंने अपनी निजी गाड़ी से घायल को 'गोल्डन ऑवर' (हादसे के तुरंत बाद का कीमती समय) में अस्पताल पहुँचाया। विकास का कहना है कि पूरी जिम्मेदारी उन्होंने उठाई, इसलिए इनाम के असली हकदार वही हैं।
दावेदार नंबर 2: विकास कुशवाहा का तर्क
वहीं, विकास कुशवाहा का दावा है कि वे हादसे के वक्त घायल सुनील की गाड़ी के ठीक पीछे चल रहे थे। उन्होंने भी पुलिस और एंबुलेंस को कॉल किया था। उनका कहना है कि उन्होंने ही सक्रियता दिखाते हुए घायल को गाड़ी में रखवाया और अस्पताल तक साथ गए। उनके मुताबिक, इस राहत कार्य में उनकी भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
अस्पताल साथ पहुँचे, पर क्रेडिट की जंग जारी
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विकास पटेल और विकास कुशवाहा दोनों ही घायल सुनील को लेकर अस्पताल पहुँचे थे। जिस वाहन में घायल को लाया गया, वह विकास पटेल का था, लेकिन सेवा कार्य में दोनों शामिल रहे। पुलिस और प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि योजना के नियमों के तहत किसे पात्र माना जाए। संभावना जताई जा रही है कि विवाद सुलझाने के लिए इनाम की राशि दोनों के बीच आधी-आधी (साझा) बांटी जा सकती है।
क्या है 'राहवीर योजना'?
मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए 'राहवीर योजना' की शुरुआत की है।
-
उद्देश्य: राहगीरों को घायलों की मदद के लिए प्रोत्साहित करना।
-
प्रोत्साहन राशि: यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर अस्पताल पहुँचाता है, तो सरकार उसे 25,000 रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान करती है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर अमित शाह का समर्थन, आंदोलन को लेकर विपक्ष को दी नसीहत
पहले टी20 से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा मंत्र, खिलाड़ियों से कहा- बेखौफ खेलो
भारत से मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे ने बदली टीम, आखिरी वक्त पर लिया बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश को मिलेगी नई पहचान, ग्वालियर में आकार लेगा पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
शेयर बाजार में कमाई का मौका! इन 5 स्टॉक्स पर मोतीलाल ओसवाल ने जताया भरोसा
NEET विवाद पर नितिन नवीन का बड़ा बयान, बोले- विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब
दीवार फांदकर भागा, 3 महीने तक रहा फरार... अब पुलिस ने दबोचा 'बस्तर का नटवरलाल'
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर फूटा लोगों का गुस्सा, शताब्दीपुरम पुलिस छावनी में तब्दील
'ड्रग्स केस में फंसा दूंगा' कहने वाले पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, किया गया सस्पेंड
कैंची से घायल बच्चे की जान पर बनी आफत, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाया