पालघर हादसे के बाद सरकार ने दिए जांच के आदेश
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। बुधवार को एक गैरकानूनी चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढह गया। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिसमें एक मां-बेटी की जोड़ी भी शामिल है।
एक शख्स गंभीर रूप से जख्मी है, जबकि राहत और बचाव कार्य अब भी जोर-शोर से चल रहे हैं। यह हादसा बुधवार की सुबह करीब 12:05 बजे हुआ, जब रामाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इस इमारत को 2012 में बनाया गया था, लेकिन यह पूरी तरह गैरकानूनी थी।
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के बिल्डर को हिरासत में ले लिया है। वसई-विरार नगर निगम (VVMC) की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की दो टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं। पालघर की जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद से 24 घंटे से ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन बचाव कार्य अब भी जारी है। अब तक 17 लोगों का पता चला है, जिनमें 14 की मौत हो चुकी है, एक जख्मी है और दो को सुरक्षित निकाला गया है।
शुरुआत में मलबा हटाने का काम हाथों से करना पड़ा, क्योंकि तंग इलाके में भारी मशीनें नहीं पहुंच पा रही थीं। अब मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। VVMC के असिस्टेंट कमिश्नर गिल्सन गोंसाल्वेस ने बताया कि अब काम तेजी से चल रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने बताया कि जिस चॉल पर इमारत का हिस्सा गिरा, वह खाली थी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। आसपास की दूसरी चॉलों को भी खाली करा लिया गया है और वहां के लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।
गैरकानूनी इमारत और बेघर हुए परिवार
रामाबाई अपार्टमेंट में कुल 50 फ्लैट थे, जिनमें से 12 फ्लैट उस हिस्से में थे जो ढह गया। VVMC ने साफ किया कि यह इमारत बिना इजाजत बनाई गई थी।
इस हादसे ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। प्रभावित लोगों को फिलहाल चंदनसर समाजमंदिर में ठहराया गया है, जहां उन्हें खाना, पानी, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं।
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