जयपुर: राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को अपना पक्का आशियाना देने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अगुवाई में आयोजित 'राज्य स्तरीय सैंक्शनिंग एवं मॉनिटरिंग कमेटी' (SLSMC) की उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के अलग-अलग शहरी निकायों में 5024 नए पक्के मकानों के निर्माण को प्रशासनिक हरी झंडी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से हजारों जरूरतमंद परिवारों के अपने घर का सपना पूरा हो सकेगा।

मकान बनाने के लिए हर लाभार्थी को मिलेंगे ₹2.50 लाख

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चुने गए प्रत्येक पात्र परिवार को खुद का पक्का मकान तैयार करने के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद (अनुदान) दी जाएगी। इस वित्तीय सहायता में केंद्र सरकार का हिस्सा 1.50 लाख रुपये और राजस्थान सरकार का योगदान 1 लाख रुपये रहेगा। इस पूरी योजना के तहत सरकार कुल 125.60 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी जारी करेगी। राज्य स्तर से पास हुए इन 5024 मकानों के प्रस्ताव को अंतिम मुहर के लिए आगामी 26 मई को केंद्र सरकार की केंद्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (CSMC) की बैठक में भेजा जाएगा।

योजना की निगरानी और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर जोर

बैठक में PMAY-U के कार्यकारी निदेशक हरि मोहन मीणा ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि नए मकानों को मंजूरी देने के साथ-साथ योजना को धरातल पर बेहतर ढंग से लागू करने के लिए भी खाका तैयार किया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 39.60 करोड़ रुपये का एक विशेष 'क्षमता संवर्धन प्लान' तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। इस बजट का उपयोग योजना के अलग-अलग चरणों की कड़ी निगरानी करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा।

मुख्य सचिव के निर्देश: तय समय में पूरा हो निर्माण कार्य

राजस्थान में आवासों की मंजूरी, निर्माण की शुरुआत और उन्हें समय पर पूरा करने के मामले में राज्य के अब तक के शानदार प्रदर्शन पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने खुशी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम की इस रफ्तार को कम न होने दिया जाए। सभी स्वीकृत मकानों का निर्माण तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि गरीब और बेघर परिवारों को जल्द से जल्द उनके घरों की चाबियां सौंपी जा सकें।

बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक अमले के आला अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के प्रमुख शासन सचिव हेमंत कुमार गेरा, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए) और वित्त विभाग के संयुक्त सचिव एजाज नबी खान सहित अन्य उच्चाधिकारी शामिल थे।