भीलवाड़ा/  नगर निगम क्षेत्र में अनेक कॉलोनियों में घटिया सिवरेज कार्य के कारण पेयजल की पाईपलाईनें सिवरेज के बीच से होकर गुजर रही है, पुरानी पाईप लाईनें अनेक जगह से जंग लगकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे सिवरेज का पानी पेयजल की लाईनों में मिल रहा है और सप्लाई हो रहा है। पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने जिला कलक्टर व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि अनेक कॉलोनियों में मटमेले, दूषित, बदबूदार, मलमूत्र वाले पानी की आपूर्ति हो रही है। पूर्व में भी अधिशाषी अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जिला कलक्टर को इस संबंध में पत्र दिये जा चुके हैं परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाने से आमजन दूषित पानी पीने को मजबूर है। जाजू ने बताया कि दूषित पानी में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है व कई विषैले तत्व होने से उल्टी, दस्त, पेटदर्द सहित अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। पानी की निरन्तर सैंपलिंग करवाया जाना बहुत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी जाजू द्वारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भीलवाड़ा द्वारा समय पर झर्झर पुरानी पाईपलाईनें बदले नहीं जाने एवं प्रतिदिन लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहने की ओर ध्यान आकृष्ट किया था एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए एनजीटी में भी याचिका दायर की थी। जाजू ने जिला कलक्टर व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का ध्यान आकृष्ट करते हुए आमजन को स्वच्छ पानी मुहैया करवाने की मांग की।