सेठ मुरलीधर मानसिंह राजकीय  कन्या विद्यालय का परिसर उस समय गरिमा, संवेदना और सामाजिक चेतना से भर उठा, जब विद्यालय की प्रधानाचार्य सुषमा विश्नोई का सादगीपूर्ण किंतु अत्यंत भावपूर्ण सम्मान  किया गया। यह आयोजन केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि नारी गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया, इस अवसर पर

 

लाडो सेवा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राठौड़, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  भीलवाड़ा विभाग के प्रशांत सिंह परमार तथा समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता संजय राठी , रानी तंबोली, निधि यादव द्वारा प्रधानाचार्य सुषमा विश्नोई को उपरणा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान के इन क्षणों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि जब शिक्षा और सेवा एक साथ आगे बढ़ती हैं, तभी समाज सशक्त बनता है।

 

प्रधानाचार्य सुषमा विश्नोई ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सुरक्षा और आत्मसम्मान को बालिकाओं के जीवन की बुनियादी आवश्यकता बताते हुए विद्यालयों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि आज के परिवेश में बालिकाओं को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने अधिकारों, आत्मरक्षा और आत्मविश्वास की समझ देना समय की माँग है।

 

इसी क्रम में लाडो सेवा फाउंडेशन द्वारा विद्यालय में “महिला सुरक्षा एवं महिला सम्मान” विषय पर विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने को लेकर सार्थक चर्चा की गई। चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि छात्राओं को जागरूक करने के लिए संवाद, प्रशिक्षण और व्यवहारिक मार्गदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर महसूस कर सकें।

 

संस्थापक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कहा कि “नारी सुरक्षित होगी तभी समाज सुरक्षित होगा। बालिकाओं में आत्मसम्मान और साहस का बीज बोना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है ऐसे आयोजनों से ही सामाजिक