लाडो सेवा फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क बीपी व शुगर जांच शिविर आयोजित
भीलवाड़ा। लाडो सेवा फाउंडेशन द्वारा रविवार को बापूनगर स्थित हेमू कालाणी उद्यान में निःशुल्क उच्च रक्तचाप (बीपी) एवं शुगर जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच करवाई।
संस्था के संस्थापक एडवोकेट लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने बताया कि लाडो सेवा फाउंडेशन द्वारा सेवा के क्षेत्र में अलग अलग कार्य किए जाते रहे हैं इसी क्रम चिकित्सा के क्षेत्र में आम आदमी को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसलिए चिकित्सा क्षेत्र में आम आदमी की सहायतार्थ बहादुर सिंह निरंतर सक्रिय रहते हैं,आज प्रातः 6 बजे प्रारम्भ हुऐ शिविर में मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई।
उन्होंने बताया कि लाडो सेवा फाउंडेशन समय-समय पर समाजहित में विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन करता रहता है। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा नियमित जांच के लिए प्रेरित करना है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हेमू कालाणी उद्यान में कई शिविर आयोजित होते रहते हैं, लेकिन इस बार जो उत्साह और भीड़ देखने को मिली वह विशेष रही।
इस अवसर पर स्थानीय पार्षद लव कुमार जोशी, एडवोकेट नरेन्द्र सिंह राठौड़ , दीपेंद्र सिंह शेखावत, मूमल चुंडावत,केदार सैनी, राजवीर सिंह राणावत,सहित लाडो सेवा फाउंडेशन की गंगा सुवालका, पायल सेन, पायल साहू, भावना ,वंशिका राजावत,संध्या स्वाइन, कविता सालवी, कोमल, मुस्कान खारोल, संध्या यादव, मुस्कान यादव, निशा वर्मा, निशा राव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग