भीलवाड़ा: 'संगम सुपर-15' में कक्षा 11वीं के लिए प्रवेश प्रारम्भ; बिहार के पूर्व डीजीपी श्री अभयानन्द सर के मार्गदर्शन में अनुभवी आईआईटीयंस पढ़ाएंगे बच्चों को*
भीलवाड़ा।* आर्थिक रूप से पिछड़े किन्तु मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने के सपने को साकार करने के लिए भीलवाड़ा में संचालित *'संगम सुपर-15'* ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 (कक्षा 11वीं) के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। संगम ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित और बद्रीलाल सोनी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पूर्णतः वित्त पोषित यह कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है।
यह गौरव की बात है कि यह पूरा प्रोजेक्ट पटना के सुप्रसिद्ध 'सुपर-30' के संस्थापक और *बिहार के पूर्व डीजीपी (DGP) श्री अभयानन्द सर* के कुशल मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।
*स्कूलिंग और कोचिंग का अनूठा संगम*
चयनित विद्यार्थियों को *संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस* में नियमित स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, आई.आई.टी. (IIT) एवं मेडिकल कॉलेज (NEET) की प्रवेश परीक्षाओं की सघन तैयारी *संगम एकेडमी* के माध्यम से कराई जाएगी।
विशेष बात यह है कि इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिस शिक्षण टीम का चयन किया गया है, वह स्वयं अभयानन्द सर की देखरेख में चुनी गई है। इस टीम में *अनुभवी आईआईटीयंस (IITians)* शामिल हैं, जो बच्चों को आधुनिक और प्रभावी तरीके से कोचिंग देंगे।
*प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):*
• *कक्षा:* मुख्य रूप से *कक्षा 11वीं* में प्रवेश के लिए।
• *शैक्षणिक योग्यता:* कक्षा 9वीं में न्यूनतम *90% अंक* अनिवार्य।
• *पारिवारिक आय:* वार्षिक आय *2.5 लाख रुपये* या उससे कम।
• *रुचि:* विज्ञान विषय में पढ़ने और भविष्य में इंजीनियर/डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प।
*विद्यार्थियों को मिलने वाली निःशुल्क सुविधाएँ:*
• संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में *नियमित विद्यालयी शिक्षा* ।
• अनुभवी आईआईटीयंस की टीम द्वारा संगम एकेडमी में *कोचिंग (IIT-JEE / NEET)* ।
• *छात्रावास एवं भोजन* की उत्तम व्यवस्था।
*सफलता की कुछ मिसालें (Success Stories):*
*दीपशिखा (IIT कानपुर):* जहाजपुर के मायला पोलिया गाँव की रहने वाली एक छोटे किसान की बेटी दीपशिखा ने संगम सुपर-15 के सहयोग से IIT कानपुर से अपनी M.Tech की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूर्ण की। वह अपने क्षेत्र की पहली लड़की बनी जिसने IIT जैसी कठिन बाधा को पार कर ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के लिए एक नई मिसाल पेश की है।
*उदल (IIT मुंबई):* एक ड्राइवर के बेटे उदल ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए अपनी लगन और संगम सुपर-15 के सहयोग से IIT मुंबई तक का सफर तय किया। आज वह अपने पिता और पूरे शहर का नाम रोशन कर रहा है।
*शिवराज (NIT इलाहाबाद):* राजकीय विद्यालय शाहपुरा के छात्र शिवराज, जिसके पिता मजदूरी करते थे, ने संगम सुपर-15 से जुड़कर NIT इलाहाबाद में प्रवेश पाया। वर्तमान में वह गेल (GAIL) इंडिया में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं और उनका वार्षिक पैकेज 21.7 लाख रुपये है।
*संजू वैष्णव (NIT जालंधर):* मांडल के एक स्कूल में 'बाई जी' (हेल्पर) का काम करने वाली महिला के बेटे संजू ने अपनी मेधा से NIT जालंधर में स्थान बनाया। आज वह 12 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर प्रतिष्ठित नौकरी कर रहा है।
*संपर्क एवं आवेदन हेतु पता:*
इच्छुक विद्यार्थी एवं अभिभावक प्रवेश प्रक्रिया की अधिक जानकारी एवं फॉर्म के लिए निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं:
संगम एकेडमी C/O संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, NH-48, चित्तौड़ रोड, आटूण, भीलवाड़ा (राजस्थान)
टिकट न मिलने पर बगावत करने वालों को Mamata Banerjee की कड़ी चेतावनी
MLC पद से इस्तीफे पर बेटे की पहली प्रतिक्रिया, Nitish Kumar को लेकर क्या बोले निशांत कुमार?
होर्मुज स्ट्रेट बंद..........दुनिया के कई देशों की तेल और गैस से भरी टंकी होने लगीं खत्म
राज्यपाल बागडे से त्रिपुरा के राज्यपाल एन. इंद्रसेना रेड्डी की शिष्टाचार भेंट
राज्य में टाइप-1 डायबिटीज उपचार और सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
गोली का जवाब गोली से’ – लोकसभा में नक्सलवाद पर Amit Shah का सख्त संदेश
स्व. नंदकुमार कस्तूरी की स्मृति में 15 बच्चों को लैपटॉप, 135 मेधावियों का सम्मान
राजस्थान बार काउंसिल चुनाव के संबंध में उच्च स्तरीय निर्वाचन समिति की बैठक आयोजित