भीलवाड़ा 22 अप्रेल। धूल, धुंआ और बढ़ता शोर, पृथ्वी चली विनाश की ओर तथा पेड़ हमारे प्राण है, जीवन की मुस्कान है, नारों के माध्यम से पृथ्वी संरक्षण का संदेश देते हुए इंटेक कन्वीनर बाबूलाल जाजू ने कहा कि अत्यधिक पेड़ो की कटाई, अवैध खनन, घटते वन एवं बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पृथ्वी का मिजाज बदल रहा है और कहीं अकाल तो कहीं बाढ़ और भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमे चाहिए कि पृथ्वी दिवस जैसे आयोजनों को त्योहार के रुप में मनायें और जन जन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता जगाएं। जाजू भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक भीलवाड़ा चेप्टर द्वारा पृथ्वी दिवस पर राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय आटून में प्लास्टिक मुक्त पृथ्वी विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। 

को कन्वीनर श्याम सुंदर जोशी ने पृथ्वी दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि आज विश्व के 192 देशों में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग के खतरों के बारे में बताया और भारतीय सांस्कृतिक निधि की गतिविधियों प्रर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संगठन देश भर में धरोहर संरक्षण की दिशा में सार्थक प्रयास कर रहा है। इंटेक पदाधिकारी सुरेश सुराना ने आभार व्यक्त किया।

प्रिंसिपल सलीम मोहम्मद बीसायती, शिक्षक पंकज चंदेल, बुद्धिप्रकाश मीणा, आशा डीडवानिया ने और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

इंटेक पदाधिकारी सुरेश सुराना ने बताया कि दो वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जूनियर वर्ग में कक्षा आठ की छात्रा हर्षिता मेघवाल प्रथम, ईशा बैरवा द्वितीय एवं अंतिमा चंदोलिया तृतीय रही। सीनियर वर्ग में कक्षा नौ की आकांक्षा लखारा प्रथम, समता बलाई एवं गायत्री खटीक द्वितीय, संध्या सुथार और पूर्वी शर्मा तृतीय रही। जिन्हें प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह तथा समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये जाएंगे।