भीलवाड़ा। ओवरब्रिज बनाओ संघर्ष समिति ने जिन्दल सॉ लिमिटेड को खनन कार्य के लिए 1400 बीघा अतिरिक्त भूमि आवंटित किए जाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कहा कि यदि कंपनी को पूर्व में किए गए जनहितकारी वादों की पालना कराए बिना नई भूमि आवंटित की गई तो ओवरब्रिज बनाओ संघर्ष समिति के सदस्य आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे।

समिति की ओर से जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जिन्दल सॉ लिमिटेड ने खनन विस्तार के लिए लगभग 1400 बीघा अतिरिक्त भूमि की मांग की है तथा इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श भी प्रारम्भ हो चुका है। समिति का आरोप है कि जिन्दल सॉ लिमिटेड को पूर्व में भी खनन के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई गई थी। उस समय कंपनी ने भीलवाड़ा में रामधाम के पास ओवरब्रिज बनाने, पुर में दोनों तालाबों को स्वच्छ जल से भरने व स्टील प्लांट लगाने का लिखित एग्रीमेन्ट भी किया था परंतु आज तक वादे पूरे नहीं किये।

समिति के सदस्यों लक्ष्मीनारायण डाड, दुर्गेश शर्मा, उम्मेदसिंह राठौड़, बाबूलाल जाजू, महेश सोनी, सत्यनारायण विश्नोई, ओम कसारा, अशोक मूंदडा, सीताराम खटीक, नेमचंद सिंघवी ने जिन्दल सॉ लिमिटेड को खनन हेतु अतिरिक्त भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकने तथा पूर्व में कंपनी द्वारा किए गए सभी लिखित वादों और पंजीकृत अनुबंधों की जांच कर उन्हें पूरा कराने की मांग की।