पंचकूला AJL प्लॉट केस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ी राहत
पंचकूला|पंचकूला के एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) प्लॉट आवंटन केस में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को आज बड़ी राहत मिली है। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में हुड्डा और वोरा के खिलाफ सभी आरोप खारिज कर दिए हैं, जिससे दोनों नेताओं को आरोपमुक्त कर दिया गया है। यह फैसला पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के पिछले आदेश के आधार पर दिया है, जिसने मामले में आरोप तय करने के आदेशों को रद्द कर दिया था।
मामले में आरोप तय किए जाने के आदेश को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और एजेएल की ओर से पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपों को समर्थन देने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी मजबूत आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आरोप तय करने के आदेशों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद सीबीआई कोर्ट ने अब हुड्डा और वोरा को आरोपमुक्त करने का फैसला सुनाया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के एक सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा था। जांच एजेंसी सीबीआई ने आरोप लगाया था कि यह प्लॉट कथित तौर पर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को आवंटित किया गया था। सीबीआई के अनुसार, इस आवंटन से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ था। जांच एजेंसी का आरोप था कि 64.93 करोड़ रुपये की अनुमानित बाजार कीमत वाला यह प्लॉट एजेएल को केवल 69 लाख 39 हजार रुपये में दिया गया था।
सीबीआई ने इस मामले में 27 जनवरी 2017 को केस दर्ज किया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2018 को चार्जशीट दायर की गई थी। इस चार्जशीट में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह आवंटन किया था, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
हाई कोर्ट में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और एजेएल ने तर्क दिया था कि आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं। हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए अपने विस्तृत आदेश में कहा कि किसी भी आपराधिक मामले को आगे बढ़ाने के लिए प्राथमिक सबूतों का मजबूत होना अनिवार्य है। यदि प्रारंभिक जांच में ही पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते, तो आपराधिक मुकदमे को जारी रखना अनुचित होता है। कोर्ट ने इस सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए आरोप तय करने के आदेशों को निरस्त किया था।
कोर्ट से राहत मिलने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिक्रिया
सीबीआई कोर्ट से राहत मिलने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज का फैसला इस भरोसे को मजबूत करता है। इस फैसले को हुड्डा और कांग्रेस पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह मामला कई सालों से उनकी छवि पर असर डाल रहा था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को भी इसी मामले में आरोपमुक्त किया गया है, जो पार्टी के लिए एक और सकारात्मक खबर है। इस फैसले से हुड्डा और वोरा अब इस कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर आ गए हैं।
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
मां-बाप की आंखों के सामने उजड़ा परिवार, पिछोला झील में डूबने से बच्ची की मौत
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, 32 लोगों की मौत; मचैल यात्रा पर लगी रोक
PM मोदी के फैसले को योगी का समर्थन, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई पर कही बड़ी बात
रफ्तार बनी काल, राजगढ़ में कार तालाब में समाई; पांच लोगों की दर्दनाक मौत