बड़ा खुलासा: अमरीकी हमले के बावजूद सुरक्षित रहे ईरान के परमाणु ठिकाने
न्यूयार्क। इजरायल द्वारा ईरान की परमाणु फैसिलिटी पर अटैक के बावजूद इसके नुकसान नहीं पहुंचने के बाद अमरीका ने अपने बी2 बांबर्स के जरिए अटैक कर इस जंग में सीधी एंट्री ली थी। अमरीका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों नतांज, फोर्डो और इस्फहान को टारगेट किय, जिसके बाद ट्रंप ने कहा हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया। हालांकि अब पेंटागन की लीक हुई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। पेंटागन द्वारा तैयार की गई अमरीकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार 20 जून को ईरान के परमाणु स्थलों पर अमरीकी हमले से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के मुख्य घटकों को नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि इससे उसके कार्यक्रम में महीनों की देरी हुई है। रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट, ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर अमरीकी हमलों के बाद युद्ध में हुए नुकसान पर अमरीकी सेंट्रल कमांड द्वारा किए गए आकलन पर आधारित थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी हमलों के बाद साइटों पर हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण अभी जारी है और अधिक खुफिया जानकारी उपलब्ध होने पर इसमें बदलाव हो सकता है। पेंटागन की खुफिया शाखा की प्राइमरी रिपोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों का खंडन करती है कि बी-2 स्टील्थ बांबर्स द्वारा किए गए अमरीकी हमलों में ईरान की परमाणु सुविधाएं पूरी तरह से नष्ट हो गई है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। कवरेज को फेक न्यूज करार देते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा कि फर्जी खबरें फैलाने वाले सीएनएन ने असफल हो रहे न्यूयार्क टाइम्स के साथ मिलकर इतिहास के सबसे सफल सैन्य हमलों में से एक को बदनाम करने की कोशिश की है। ईरान में परमाणु स्थल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
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