नाखून चबाने से वास्तु और शुक्र ग्रह पर होता है प्रभाव
नाखून चबाने की आदत ऐसी है जो बहुत से लोग अनजाने में अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर लेते हैं। यह एक आम लेकिन खतरनाक आदत है, जो न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है, बल्कि इसका असर मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी पड़ता है। इससे वास्तु और शुक्र ग्रह पर प्रभाव पड़ता है।
भारतीय शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, नाखूनों में शुक्र ग्रह का प्रभाव होता है. नाखूनों का बार-बार चबाना शुक्र ग्रह को कमजोर कर सकता है, जिससे जीवन में कई प्रकार की कठिनाइयां आ सकती हैं! इस आदत के कारण मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी और वैवाहिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। माना जाता है कि जब शुक्र कमजोर होता है, तो व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि की कमी हो सकती है, जिससे कई बार वैवाहिक जीवन और रिश्तों में भी तनाव आ सकता है।
नकारात्मक सोच और मानसिक तनाव
नाखून चबाने की आदत मानसिक तनाव और नकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है। जब हम इस आदत को अपनाते हैं, तो हम खुद को चिंता और तनाव के प्रति अधिक संवेदनशील बना लेते हैं. यह आदत अक्सर किसी मानसिक या भावनात्मक परेशानी के कारण होती है, जो समय के साथ और भी बढ़ सकती है. इस आदत को छोड़ने से मानसिक शांति और संतुलन की प्राप्ति हो सकती है, जो जीवन को अधिक सुखमय बना सकती है।
“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना......किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष
बीजेपी के तीन मंत्रियों को दे देना चाहिए इस्तीफा, शहडोल में जीतू पटवारी के तीखे बोल
उत्तर कोरिया के तानाशाह ने जिस बेटी को अपना उत्तराधिकारी चुना, वह चीन दौरे पर थी पिता के साथ
रात के अंधेरे में क्या कर रहे थे ये 4 युवक? बैजनाथपारा में पुलिस की पैनी नजर, संदिग्धों को सीधे कोर्ट में किया पेश
MCB में धान खरीदी का सफल मॉडल, 34% से अधिक उठाव पूरा
मप्र : रातोंरात 11 आईएएस के तबादले, मनीष सिंह बने जनसंपर्क आयुक्त, अशोक वर्णवाल को स्वास्थ्य का जिम्मा
सबरीमाला मंदिर मामले में पंकज भंडारी को राहत नहीं, गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज
20 फरवरी को होगा चावल उत्सव, दो माह का चावल एक साथ मिलेगा
छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर, दो दिनों में 6 की मौत
जैजैपुर में दो आरा मिल सील, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई