बीजेपी ने विधायक अतुल का टिकट काटा, बोरदोलोई को मैदान में उतारा
डिसपुर। प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ने के 24 घंटे के अंदर ही आगामी राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी का टिकट हासिल कर असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। वहीं, उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस से अपना नाता तोड़ दिया। बीजेपी ने उन्हें दिसपुर से मैदान में उतारा है और मौजूदा विधायक अतुल बोरा का टिकट काट दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक असम गण परिषद (एजीपी) के संस्थापक सदस्यों में से एक बोरा ने 1985 में दिसपुर सीट जीती थी। 2013 में बोरा बीजेपी में शामिल हो गए और लगातार दो चुनावों में पार्टी के लिए यह सीट जीती। प्रद्युत बोरदोलोई ने 1998 से 2016 तक मार्गेरिटा सीट जीती थी। पिछले विधानसभा चुनावों में हार के बाद उन्होंने नागांव लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2024 में उन्होंने फिर से नागांव सीट जीती।
बीजेपी में शामिल होने को भावनात्मक रूप से कठिन बताते हुए दो बार के सांसद और पूर्व तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि उन्हें पार्टी के अंदर घुटन और उपेक्षा महसूस हो रही थी और वे एक ऐसे मंच की तलाश में थे जहां वे सम्मान के साथ काम कर सकें। वहीं बोरा ने कहा कि मैं 1985 से दिसपुर का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं और अपने राजनीतिक सफर में तीन मुख्यमंत्रियों को हरा चुका हूं। मुझे पार्टी से उम्मीद थी कि वह मेरे पिछले रिकॉर्ड पर विचार करेगी।
बोरा ने बीजेपी के अंदर मौजूदा स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनका मोहभंग हो गया है। आज बीजेपी में काम करने का माहौल नहीं है। कार्यकर्ता असमंजस में हैं कि वे कहां जाएं। पार्टी खुद को सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, फिर भी अब वह बाहर से उम्मीदवार ला रही है।
दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर! 17 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री बंद, सफर प्रभावित
क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लौटेगा छात्रों का भरोसा? शिक्षा संकट पर बड़ी बहस
अमेरिका में 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर बोले- 'राहा को यह फिल्म दिखाने के लिए उत्साहित हूं'
आज इन 5 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, इंदौर-भोपाल में भी बरसेंगे बादल
कच्चा तेल, बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल संकेतों से बाजार पर दबाव, निवेशक क्या करें?
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक टली, राज्यसभा में पेपर लीक पर जोरदार हंगामा
'इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं', सरकार और CJP के बीच आज निर्णायक वार्ता
नए परमाणु सहयोग समझौते से मचा बवाल, अमेरिका-सऊदी डील पर उठे सवाल