राम मंदिर ट्रस्ट को SIT की क्लीन चिट? रिपोर्ट से बढ़ी चर्चा
अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच पूरी करते हुए ट्रस्ट को क्लीन चिट दे दी है। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान ट्रस्ट पर लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं (पैसों की गड़बड़ी) और अन्य आरोपों के समर्थन में कोई भी ठोस सबूत नहीं मिले हैं। ट्रस्ट की ओर से पहले ही इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया गया था और कहा गया था कि मंदिर निर्माण का कार्य और सभी वित्तीय लेनदेन पूरी पारदर्शिता (साफ-सुथरे ढंग) के साथ किए गए हैं।
ट्रस्ट ने बताया सत्य की जीत
एसआईटी के इस खुलासे के बाद ट्रस्ट ने राहत की सांस ली है। ट्रस्ट का कहना है कि जांच रिपोर्ट से अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन और झूठे थे। ट्रस्ट ने इसे 'सत्य की जीत' बताते हुए कहा कि भव्य मंदिर निर्माण का कार्य पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ाया जा रहा है।
विपक्ष ने उठाए एसआईटी की रिपोर्ट पर सवाल
दूसरी तरफ, एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की तरफ से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मंदिर के दान और चढ़ावे में हुई गड़बड़ी को लेकर जो लोग पहले से विरोध कर रहे थे, वे इस रिपोर्ट के बाद भड़क गए हैं। विपक्ष और विरोध कर रहे संगठनों ने अब सीधे जांच टीम पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और आरोप लगाया है कि एसआईटी ने सरकार के इशारे पर काम करते हुए यह रिपोर्ट तैयार की है।
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