राजस्थान में शीतलहर का कहर, पारा 2 डिग्री तक गिरा
फतेहपुर |राजस्थान में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में तापमान जमाव बिंदु से नीचे दर्ज किया गया। झुंझुनूं, फलोदी, सीकर के फतेहपुर और पलसाना में बर्तनों में रखा पानी जम गया, जबकि कई जिलों में खुले में खड़ी गाड़ियों, फसलों और पौधों पर ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। सीकर के फतेहपुर और पलसाना में न्यूनतम तापमान माइनस 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।चूरू में कड़ाके की ठंड के बीच तापमान गिरकर 1.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते चूरू में खुले में रखी सतहों पर बर्फ की पतली परत जम गई। सुबह के समय गाड़ियों, छतों और पौधों पर जमी बर्फ ने सर्दी की तीव्रता को साफ तौर पर दिखाया। ठिठुरन भरी ठंड और बर्फीली हवाओं के कारण लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।भीषण ठंड को देखते हुए जयपुर समेत प्रदेश के 11 जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। कुछ जिलों में स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। उधर, रविवार को उदयपुर में घने कोहरे के कारण 7 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान जमाव बिंदु और उससे नीचे चला गया था। जैसलमेर, नागौर और सीकर जिलों के कई इलाकों में बर्फ जमने की खबरें सामने आई थीं। रविवार को फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री और नागौर में 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लगातार गिरते तापमान के चलते लोग दिनभर अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हाड़ कंपाने वाली यह सर्दी अगले कुछ दिनों तक और परेशान कर सकती है। मौसम विभाग ने आज (12 जनवरी) प्रदेश के दो जिलों में सर्दी का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 5 जिलों में ऑरेंज और 5 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 14 और 15 जनवरी के बाद ही ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
कोटपूतली-बहरोड़ में जमने लगी बर्फ
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। यहां शहरी और ग्रामीण इलाकों में फसलों और पौधों पर ओस की बूंदें जम गईं। बहरोड़ के गंडाला, माजरी, जखराना, कांकर छाजा, शेरपुर, महाराजावास, नांगल खोडियार और बर्डोद सहित कई गांवों में सुबह-सुबह खेतों में सफेद चादर जैसी बर्फ की परत दिखाई दी।
जैसलमेर में सर्द हवाओं का असर बरकरार
जैसलमेर में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। सोमवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 3.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि कोहरे से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन सर्द हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। खुले में खड़ी गाड़ियों, पानी के बर्तनों और अन्य वस्तुओं पर बर्फ जम गई। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय लोगों को घरों से बाहर निकलने में खासी दिक्कत हुई।
सीकर में लगातार दूसरे दिन माइनस में पारा
सीकर जिले के पलसाना कस्बे में सोमवार सुबह खुले में रखे कपड़ों पर भी बर्फ जम गई। वहीं, फतेहपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान जमाव बिंदु से नीचे दर्ज किया गया। कृषि अनुसंधान केंद्र में सोमवार को न्यूनतम तापमान माइनस 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का दूसरा सबसे कम तापमान है।कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि रविवार को मौसम साफ होते ही न्यूनतम तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई थी और पारा माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सोमवार को भी मौसम साफ रहने के कारण न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना रहा।कुल मिलाकर, प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है। ठंड के इस दौर में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा अनावश्यक रूप से सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
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