ईरान हमले और अली खामनेई की मौत पर विवाद तेज
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शिया मुस्लिम महिलाओं द्वारा इस वर्ष ईद न मनाने के फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह निर्णय ईरान पर हुए हमले और वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई की कथित मौत के विरोध में लिया गया है, जिससे धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। जयपुर में विभिन्न धार्मिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस बार ईद को उत्सव के बजाय शोक के रूप में मनाया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि जिस प्रकार मोहर्रम में मातम किया जाता है, उसी तरह ईद पर भी सादगी और गम का माहौल रहेगा।
विरोध के तौर-तरीके भी तय
महिलाओं ने दावा किया कि इस निर्णय को सुन्नी समुदाय के कुछ परिवारों का भी समर्थन मिल सकता है। योजना के तहत पुरुष केवल प्रतीकात्मक रूप से मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे और काली पट्टी या काले वस्त्र पहनकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही ईद की नमाज के बाद डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ विशेष दुआ करने की भी बात कही गई है।
शिया समाज के प्रवक्ता का समर्थन
शिया समाज के प्रवक्ता जाफ़र चकवा ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि जब दूर बैठे लोगों से भावनात्मक जुड़ाव संभव है, तो धार्मिक गुरुओं के प्रति भावनाएं भी स्वाभाविक हैं। उन्होंने इसे आस्था और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय बताया। हालांकि, इस फैसले को लेकर कई मुस्लिम संगठनों और अन्य वर्गों में मतभेद भी सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मामला मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे सामाजिक सद्भाव पर असर डालने वाला कदम बता रहे हैं। राजस्थान सहित देश के अन्य हिस्सों में भी इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और प्रशासन तथा समाज इसके समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध? NEET विवाद पर राहुल गांधी की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल
CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख साफ, बोली- बातचीत के लिए हमेशा तैयार, 24 घंटे में दिए 4 प्रस्ताव
मस्जिद में मासूम से कथित वारदात, आरोपी मौलाना पर FIR; जांच शुरू
शिक्षा पर सरकारी खर्च का रिपोर्ट कार्ड, मोदी सरकार के 12 साल के आंकड़े क्या कहते हैं?
ट्रेन लेट हुई तो यात्रियों का फूटा गुस्सा, झाबुआ में रेलवे ट्रैक पर दिया धरना
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य का PM मोदी से आग्रह, बोले- युवाओं से सीधे जुड़ें
वकील दंपती के साथ कथित जातीय भेदभाव, ₹35 हजार जुर्माना और सामूहिक दावत का दबाव
छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात