आसमान में उड़ान, फिर अचानक क्रैश! दर्जनों ड्रोन के गिरने से मचा हड़कंप
सिडनी: दुनियाभर में आधुनिक मनोरंजन के रूप में 'ड्रोन शो' (Drone Show) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। रंग-बिरंगी रोशनियों से नहाए इन ड्रोनों को आसमान में कलाबाज़ियां करते देखने के लिए हज़ारों लोग जुटते हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में आयोजित एक ऐसा ही भव्य ड्रोन शो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया। शो के दौरान दर्जनों ड्रोन अचानक तकनीकी खराबी के कारण बेकाबू हो गए और सीधे नीचे गिरने लगे। इंटरनेट पर इस घटना का वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
आसमान से पानी में गिरे दर्जनों ड्रोन
सिडनी फेस्टिवल में ड्रोन शो का संचालन करने वाली कंपनी के मुताबिक, सोमवार रात को प्रदर्शन के दौरान लगभग 90 ड्रोन नियंत्रण खोकर नीचे जा गिरे। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिडनी हार्बर के ऊपर आसमान में कुल 1,000 चमकते हुए ड्रोन अलग-अलग आकृतियां बना रहे थे, जिनमें से लगभग 83 ड्रोन सीधे नीचे समंदर के पानी में जा गिरे। इसके अलावा छह ड्रोन पैदल चलने वाले रास्ते (बोर्डवॉक) और एक पुल पर भी गिरे।
क्यों बेकाबू हुए आधुनिक ड्रोन?
शो का आयोजन करने वाली तकनीकी कंपनी ने इस हादसे के पीछे मुख्य वजह 'रेडियो इंटरफेरेंस' (Radio Interference) यानी रेडियो तरंगों में अचानक आए व्यवधान को बताया है। इस गंभीर घटना के बाद 'ऑस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो' ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है और इसकी बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
राहत की बात यह रही कि कोई भी ड्रोन निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र (सेफ्टी जोन) को पार करके दर्शकों के ऊपर नहीं गिरा, जिससे नीचे मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे। अब पानी में गिरे ड्रोनों को बाहर निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि उनमें मौजूद लिथियम-आयन बैटरियों से पानी प्रदूषित न हो।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
ड्रोन शो की बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ इस तरह की दुर्घटनाओं के मामले भी वैश्विक स्तर पर लगातार सामने आ रहे हैं:
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साल 2023: ऑस्ट्रेलिया के ही मेलबर्न में तेज हवाओं के कारण 400 से अधिक ड्रोन नीचे गिरकर नष्ट हो गए थे।
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साल 2024: अमेरिका के फ्लोरिडा में एक बेकाबू ड्रोन सीधे एक किशोर के चेहरे से जा टकराया था।
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साल 2025: वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में भी तकनीकी गड़बड़ी के बाद ड्रोन दर्शकों के ऊपर गिर गए थे।
ये लगातार होती घटनाएं अब ड्रोन तकनीकों की सुरक्षा, उनके सॉफ्टवेयर और उनकी मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।
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