पहले राजद फिर कांग्रेस विधायक ने दिए पार्टी छोड़ने के संकेत
पटना। हिमाचल में आए सियासी भूकंप के झटके बिहार में भी महसूस किए जा रहे हैं। हालांकि यहां सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन कुछ विधायक भाजपा के साथ जाने को बेताब दिख रहे हैं। नवादा के हिसुआ से मौजूदा कांग्रेस विधायक नीतू कुमारी कई दिनों तक अनुपस्थित रहने के बाद विधानसभा पहुंचीं। अपने पार्टी नेतृत्व से नाखुश होने की अटकलों के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, मैं नवादा से लोकसभा टिकट चाहती हूं। अगर कांग्रेस मुझे मैदान में उतारती है, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अगर ऐसा नहीं होता है और तो बीजेपी टिकट के लिए प्रस्ताव लेकर आती है, तो मैं उस पार्टी में शामिल हो जाऊंगी।इससे पहले, आरजेडी विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव सत्ता पक्ष में चले गए थे, उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव में चौधरी के खिलाफ मतदान किया था और विश्वास मत में एनडीए का समर्थन किया था। वही दूसरी तरफ बीजेपी ने कहा है कि दलबदल में उसकी कोई भूमिका नहीं है और विधायक वंशवादी नेतृत्व से निराश होकर कांग्रेस और आरजेडी छोड़ रहे हैं। हाल के दिनों में हुए दलबदल के बाद, एनडीए को 243 सदस्यीय विधानसभा में 135 विधायकों का समर्थन हासिल हो गया है।
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