धान की रोपाई में आधुनिकता का समावेश
रायपुर : पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपने वाली मशीन) का उपयोग खेतों में धान की रोपाई के लिए किया जाता है स यह मशीन पौधों को सही दूरी और समान गहराई पर मिट्टी में लगाती है, जिससे मजदूरों की भारी बचत होती है और पैदावार में 10-20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
बालोद जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। पारंपरिक खेती के तरीकों में बदलाव की यह तस्वीर गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत भरदाकला में साफ दिख रही है। यहां के सरपंच क्रांति भूषण साहू ने अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर यानी धान रोपने वाली मशीन का उपयोग शुरू कर क्षेत्र के किसानों के लिए नई राह दिखाई है।
’समय और मेहनत दोनों की बचत’
लगभग 35 से 40 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले साहू ने इस वर्ष 10 से 12 एकड़ रकबे में पैडी ट्रांसप्लांटर के माध्यम से धान की रोपाई की। उनका कहना है कि पहले मजदूरों से रोपाई कराने में 20 से 25 दिन लग जाते थे। मशीन से यह काम बेहद कम समय में और ज्यादा सटीकता से हो गया।
’पैडी ट्रांसप्लांटर किसानों के लिए वरदान’
मशीन से पौधे एक निश्चित दूरी और सीधी कतारों में रोपे जाते हैं। इससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है और बाद में निंदाई-गुड़ाई में भी आसानी होती है। कृषि सीजन में मजदूरों की किल्लत एक बड़ी समस्या है। ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
’लंबी अवधि में किफायती’
साहू के अनुसार नर्सरी के लिए ट्रे और अन्य संसाधनों पर शुरुआत में थोड़ा अतिरिक्त खर्च आता है, लेकिन बड़े पैमाने पर खेती के लिए यह तकनीक लंबे समय में काफी किफायती है। उन्होंने कहा, आने वाले समय में मजदूरों की समस्या और समय की कमी को देखते हुए खेती में मशीनीकरण ही एकमात्र विकल्प है। धान रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर सबसे बेहतरीन और लाभकारी तरीका है।
’किसान दिखा रहे रुचि’
इस आधुनिक बदलाव से न सिर्फ किसानों की मेहनत कम हुई है, बल्कि समय पर रोपाई होने से पैदावार बढ़ने की भी उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अन्य किसान भी अब इस तकनीक को समझकर अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
रीवा में जेल से छूटते ही दिखाई दबंगई, पुलिस ने दो बदमाशों को सिखाया सबक; 8 तमंचे बरामद
साइबर ठगी पर सख्त राजस्थान सरकार, बैंकों को ‘जीरो टाइम लैग’ का लक्ष्य
दमोह से जबलपुर मायके पहुंची महिला की फांसी से मौत, जांच शुरू
'2025-26 का सर्विस चार्ज बाकी', इंदौर नगर निगम ने मेट्रो कंपनी को भेजा 8 करोड़ का बिल
CJP मार्च के घायलों से अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, सरकार पर साधा निशाना
जल संकट से बेहाल पाकिस्तान, कनाडा से मांगी आपात सहायता
पैसों के लालच में रची गई खौफनाक साजिश, महिला की हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को मंजूरी, विधानसभा से बिल पारित