ईरान की अदालत का बड़ा फैसला, मोसाद के खतरनाक जासूस पेड्राम मदनी को दी फांसी
ईरान: ईरान ने आखिरकार उस जासूस को मौत के घाट उतार दिया, जिसे मोसाद का सबसे चालाक और खतरनाक एजेंट बताया जा रहा था. उस शख्स को दिनदहाड़े फांसी दी गई. जो ईरान में ही बैठकर इजराइल की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा था. इस शख्स का नाम था पेड्राम मदनी. ईरान की न्यायपालिका ने पुष्टि की है कि पेड्राम मदनी को मोसाद के लिए जासूसी करने और भारी पैमाने पर वित्तीय भ्रष्टाचार के जुर्म में फांसी दी गई है. बताया गया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सजा अमल में लाई गई. मदनी को 2020 में तेहरान से गिरफ्तार किया गया था. उस पर आरोप था कि वह इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम कर रहा था और अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित कर रहा था. वो यूरोप में बिटकॉइन और यूरो के जरिए पैसे लेता था.
जर्मनी में ली ट्रेनिंग, खड़ा कर रहा था जासूसी नेटवर्क
जांच में सामने आया कि पेड्राम मदनी अक्सर विदेश जाता था, खासकर जर्मनी. वहीं उसने मोसाद के ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में हिस्सा लिया. ट्रेनिंग के बाद वह ईरान लौटकर एक सक्रिय जासूसी नेटवर्क खड़ा करने लगा. न्यायपालिका के अनुसार, मदनी लोगों की भर्ती करता, गोपनीय जानकारी जुटाता और इन्हें सुरक्षित चैनलों के जरिए मोसाद तक पहुंचाता था. सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई कि मदनी ने ब्रसेल्स स्थित इजराइली दूतावास में सीधे मोसाद अधिकारी से मुलाकात की थी.
सेंवदेनशील ठिकानों की जानकारियाँ की लीक
डिजिटल फॉरेंसिक जांच में उसकी डिवाइसेज से कई गुप्त संदेश बरामद हुए हैं, जो उसने अपने हैंडलर को भेजे थे. अदालत में पेश सबूतों से साफ है कि मदनी ने ईरान के कई संवेदनशील और रणनीतिक ठिकानों की जानकारी उनके स्थान और विवरण मोसाद को भेजे थे. एक आदेश में तो उसके हैंडलर ने उसे साफ कहा था कि सूचनाओं को कैटेगराइज़ करके सर्विस की स्पेशल यूनिट तक पहुंचाया जाए.
कैसे पकड़ा गया मोसाद का ये एजेंट?
ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्क निगरानी से मदनी का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया. उसके विदेशी संपर्कों को काटा गया और उसे गिरफ्तार किया गया. कोर्ट ने उसे ‘मोहरबेह’ (ईश्वर से युद्ध) और ‘इफसाद फिल-अर्ज़’ (ज़मीन पर भ्रष्टाचार फैलाना) का दोषी पाया. फैसले के अनुसार, मदनी को मौत की सजा सुनाई गई, जिसे अब अंजाम दे दिया गया है. इससे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मोसाद एजेंट, जैसे मोहसिन लैंगरानशीन, पकड़े जा चुके हैं, जो ईरान में आतंक फैलाने की साजिश में शामिल थे.
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