इजराइल ने गाजा में पहली बार मदद पहुंचाई
गाजा। इजराइल ने हमास के खिलाफ जंग के बाद रविवार को पहली बार गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई है। इजराइली सेना ने आटा, चीनी, दवाई और डिब्बाबंद खाना गाजा में हवाई मार्ग से पहुंचाया। यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर उठाया गया। वहीं, इजराइल ने गाजा के कुछ हिस्सों में सीजफायर और संयुक्त राष्ट्र के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने का भी ऐलान किया ताकि वहां की जनता को मदद पहुंचाया जा सके। मार्च से मई तक इजराइल ने गाजा में बाहरी सहायता पर रोक लगा दी थी।
अब इजराइल का कहना है कि वह यूएन की सहायता वितरण में रुकावट नहीं डाल रहा। गाजा में इजराइल-हमास जंग को शुरू हुए 22 महीने हो चुके हैं। अब तक इस लड़ाई की वजह से 124 लोग भूख से मारे गए हैं, जिनमें से 81 बच्चे हैं। जुलाई महीने में ही भूख से 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें 16 बच्चे हैं।
गाजा को एयर रूट से मदद मिलाना शुरू
इजराइली सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने गाजा में एयर रूट से मदद भेजना शुरू कर दिया है। इससे पहले एक इजराइली सुरक्षा अधिकारी ने बताया था कि गाजा में भुखमरी के संकट पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच इजराइल विदेशी देशों को गाजा में एयर रूट से मदद भेजने की इजाजत देगा। अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचील लेइटर ने बताया कि इजराइली सेना रविवार से गाजा के लिए ह्यूमेटेरियन कॉरिडोर खोलेगी। इनका मकसद गाजा की आबादी के लिए मानवीय सहायता बढ़ाना है।
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
केन बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में आयेगी खुशहाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश की लाडली बहना लाभ लेने वाली नहीं, अब बन रही है लाभ कमाने वाली: मुख्यमंत्री डॉ यादव
महिला अस्पताल में 100 सिजेरियन का लक्ष्य, निजी विशेषज्ञ भी किए अनुबंधित
वार्ड 62 के भाग संख्या 23 में 13 सितंबर को होगा पुनर्मतदान
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वैध भूमि स्वामी को मिला भौतिक कब्जा