Madhya Pradesh High Court ने RTO चेक पोस्ट शुरू करने पर लगाई रोक
जबलपुर:मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रदेश भर के परिवहन (RTO) चेक पोस्टों को फिर से चालू करने के अपने पिछले आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले से जहां एक ओर राज्य सरकार को अपनी नीति पर टिके रहने का मौका मिला है, वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने भी बड़ी राहत की सांस ली है।
क्या था कोर्ट का पिछला आदेश?
इससे पहले, 16 अप्रैल 2026 को जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को यह कड़ा निर्देश दिया था कि एक महीने के भीतर सभी बंद चेक पोस्ट फिर से शुरू किए जाएं। कोर्ट का मानना था कि सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए ये नाके जरूरी हैं। हालांकि, आज इसी आदेश पर 'स्टे' लगने से चेक पोस्ट खोलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से विराम लग गया है।
पुनर्विचार याचिका पर मिली राहत
खबर के अनुसार, भोपाल के ट्रांसपोर्टर अमन भोंसले द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह स्टे ऑर्डर जारी किया है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से भी यह पक्ष रखा गया कि वे चेक पोस्ट दोबारा खोलने के पक्ष में नहीं हैं।
सरकार का रुख: पारदर्शिता और सुविधा पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जुलाई 2024 में इन चेक पोस्टों को बंद कर दिया गया था। सरकार का तर्क था कि इन नाकों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं और इन्हें बंद करने से परिवहन सुगम होगा। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि सरकार कोर्ट के पिछले आदेश को चुनौती देगी। अब परिवहन विभाग को विधि विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार इस मामले में मजबूती से अपना पक्ष रख रही है।
ट्रांसपोर्टर्स ने जताई खुशी
हाईकोर्ट से स्टे मिलने पर 'ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट' की आरटीओ ट्रैफिक कमेटी के चेयरमैन सीएल मुकाती ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय ने देश और प्रदेश के लाखों वाहन मालिकों व चालकों की वाजिब चिंताओं को समझा है। 16 अप्रैल के आदेश पर पुनर्विचार करना न्यायसंगत कदम है।
अब आगे क्या?
डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली ने अदालत को अवगत कराया कि सरकार खुद इस मामले में अपील दायर कर रही है। इसके बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने अपने ही 30 दिनों के भीतर चेक पोस्ट शुरू करने वाले आदेश पर रोक लगा दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार और ट्रांसपोर्टर्स के तर्कों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
रफ्तार का कहर: पठानकोट में बस ने चार को कुचला, गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग
वकीलों का फूटा गुस्सा, दिल्ली घटना के विरोध में डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
भारत-जिम्बाब्वे सीरीज से पहले मेजबान टीम का ऐलान, नए खिलाड़ी त्सिगा पर भरोसा
वृंदावन में भक्ति में लीन दिखे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा, प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद
सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, चिप पैकेजिंग के लिए मेगा प्लान तैयार
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अग्निवीरों को आरक्षण; किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू
बिलासपुर रेंज में अपराधियों पर कड़ी निगरानी, हर हिस्ट्रीशीटर के लिए तैनात होगा एक जवान
महंगा हुआ कच्चा तेल, अब आम आदमी की जेब पर बढ़ सकता है बोझ
सिंहस्थ में तीसरी आंख का पहरा, हर गतिविधि होगी कैमरों में रिकॉर्ड
अखिलेश यादव का संसद में बड़ा बयान, बोले- 'सरकार के साथ कोई डील तो नहीं हो गई?'