टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर मांजरेकर का वार, बोले– कुलदीप को क्यों किया दरकिनार?
नई दिल्ली: एशिया कप 2025 के अपने पहले मैच में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को एकतरफा अंदाज में हराया। इस जीत में टीम इंडिया के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने अहम भूमिका निभाई। कुलदीप ने अपने चमत्कारी स्पेल में मात्र 2.1 ओवरों में सात रन देकर चार विकेट चटकाए। खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही ओवर में तीन विकेट झटके और यूएई की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
मैच के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कुलदीप के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की, लेकिन साथ ही मजाक-मजाक में टीम इंडिया के रवैये पर सवाल भी उठाए। उन्होंने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर चुटकी ली और कहा कि अब कुलदीप इतने अच्छे मैच के बाद अगले मैच में बेंच पर बैठेंगे।
मजाक में छुपी गंभीर बात
मांजरेकर ने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा, 'अब जब कुलदीप यादव ने एक ओवर में तीन विकेट ले लिए हैं, तो वह अगला मैच नहीं खेलेंगे, क्योंकि भारत उनके साथ ऐसा ही बर्ताव करता है। जब वह अच्छा खेलते हैं तो उन्हें बाहर कर दिया जाता है। अब चार विकेट लिए हैं, तो कोई तरीका नहीं है कि वह अगला मैच खेलें।' मांजरेकर ने यह टिप्पणी हल्के अंदाज में की, लेकिन इसके पीछे टीम इंडिया के चयन प्रक्रिया पर गहरी चोट थी।
उन्होंने कहा, 'मैं मजाक कर रहा हूं, लेकिन यही कुलदीप यादव का करियर रहा है। बीच-बीच में बाहर किए जाने के बावजूद वह कुछ जादू दिखाते रहते हैं। उनके आंकड़ों को देखिए, चाहे टेस्ट हो, वनडे हो या टी20 अंतरराष्ट्रीय, वे गजब के हैं। लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम में 'डिस्पेंसबल' यानी आसानी से बाहर किए जाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। यही उनकी किस्मत है।'
कुलदीप के आंकड़े गवाह
कुलदीप यादव ने साल 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बावजूद आज तक उन्होंने केवल 13 टेस्ट और 41 टी20 मैच खेले हैं। वनडे में उनका गेंदबाजी औसत 27 से भी कम है। टेस्ट में उनका गेंदबाजी औसत 22.16 और टी20आई में तो केवल 13.39 का है। इन आंकड़ों से साफ है कि जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने टीम के लिए योगदान दिया।
हालांकि, उन पर टीम मैनेजमेंट भरोसा नहीं जता पाया है और यही वजह है कि उन्हें बेंच पर बैठाया जाता है। इंग्लैंड दौरे पर दिग्गजों की मांग के बावजूद कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला और अब एशिया कप में उन्होंने भारत के पहले मैच में ही कमाल दिखाया। मांजरेकर का तंज चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर था।
कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच करियर
भारतीय टीम में लंबे समय से स्पिन विभाग में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा रही है। कुलदीप को अपने करियर के दौरान रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई जैसे स्पिनरों से जगह के लिए मुकाबला करना पड़ा है। ऐसे में अक्सर उन्हें लंबे समय तक बेंच पर बैठना पड़ा है।
यूएई की बल्लेबाजी लाइन-अप ढहाई
बुधवार को दुबई में खेले गए मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पावरप्ले के बाद कुलदीप को गेंद सौंपी गई और उन्होंने आते ही मैच का रुख बदल दिया। उनके नौवें ओवर में ही यूएई का स्कोर 48/2 से अचानक 50/5 पर पहुंच गया। इसके बाद टीम बुरी तरह बिखर गई और महज 57 रन पर ऑलआउट हो गई। यह एशिया कप टी20 इतिहास में यूएई का सबसे कम स्कोर साबित हुआ और ओवरऑल यह टूर्नामेंट का दूसरा सबसे छोटा स्कोर।
भारत की आसान जीत
कुलदीप की गेंदबाजी की बदौलत मिले आसान लक्ष्य को भारत ने 4.3 ओवर में ही हासिल कर लिया। यह टीम इंडिया की गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत साबित हुई। इस धमाकेदार प्रदर्शन के लिए कुलदीप यादव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
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