मीनाक्षी का दावा, कांग्रेस ने बोला- ‘कमलनाथ को छोड़कर सभी को पता था’
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद उपजा विवाद अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से ठीक पहले, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने देश की राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस की मुख्य प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव आयोग से किसी भी तरह की जानकारी या तथ्यों को नहीं छिपाया है।
'फॉर्म 26' विवाद पर मीनाक्षी नटराजन की सफाई
कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मामला फिलहाल अदालत के विचाराधीन है, इसलिए वे केवल उन्हीं बिंदुओं पर बात करेंगी जो पहले से ही पब्लिक डोमेन (सार्वजनिक) में और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उनके नामांकन को निरस्त करने का पूरा आधार 'फॉर्म 26' (शपथ पत्र) को बनाया गया है, जिसमें उन पर कुछ जरूरी जानकारियां छिपाने का आरोप लगाया गया है।
"फॉर्म 26 में निजी शिकायतों को दर्ज करने का कोई कॉलम नहीं" नटराजन ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "विवाद की शुरुआत इस बात से हुई कि मैंने किसी लंबित आपराधिक मामले या सजा-योग्य अपराध की जानकारी छिपाई है। असलियत यह है कि मुझे केवल एक कानूनी नोटिस मिला था, जिस पर अदालत ने अभी तक संज्ञान (कॉग्निजेंस) भी नहीं लिया है। फॉर्म 26 में ऐसा कोई कॉलम या स्थान ही नहीं है जहां इस तरह की निजी शिकायतों या प्राथमिक नोटिसों का विवरण दिया जाना हो। यदि ऐसा कोई कॉलम होता, तो मैं निश्चित रूप से उसे भरती। मैंने चुनाव आयोग को सौंपे ज्ञापन में उस नोटिस की पूरी जानकारी दी थी और आज सुप्रीम कोर्ट में भी यही तथ्य रखूंगी।"
कमलनाथ को छोड़कर एमपी कांग्रेस के सभी विधायक दिल्ली में मौजूद
इसी प्रेसवार्ता के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने जानकारी दी कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को छोड़कर मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विधायक इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और वे इस प्रशासनिक कदम के खिलाफ एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। इस रणनीतिक प्रदर्शन से कमलनाथ की अनुपस्थिति को लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
जीतू पटवारी का भाजपा पर प्रहार: 'यह लोकतंत्र की हत्या है'
जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा देश में लगातार लोकतंत्र की हत्या करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन जानबूझकर तकनीकी आधार पर निरस्त कराया गया, ताकि विपक्ष को चुनाव लड़ने के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया जा सके। पटवारी ने कहा कि इस तरह से नामांकन रद्द करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार करना है और कांग्रेस इसके खिलाफ संसद से लेकर सड़क और अदालत तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
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