7 लाख की सुपारी देकर रची हत्या की साजिश नाकाम, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
झालावाड़। जिले में पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रचने का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस थाना खानपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अमित कुमार ने बताया कि सुपारी देकर हत्या करवाने के मामले में परिवाद मिलने के बाद जांच एएसआई जितेन्द्र कुमार से करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर इसकी गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने समय रहते कार्रवाई कर एक संभावित हत्या को टाल दिया।
विशेष टीम की तत्परता से टली वारदात
पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता और अथक प्रयासों के जरिए आरोपी धनराज मीणा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से यह सामने आया कि आरोपी ने परिवादी को हत्या करने के लिए दुष्प्रेरित किया और पूरी साजिश रची। इस अपराध में सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक आम नागरिक की जान बचाई जा सकी।
पुराने विवाद के चलते बना हत्या का प्लान
जांच में सामने आया कि आरोपी धनराज मीणा उर्फ धन्नजी निवासी लाखाखेड़ी का दुर्गाशंकर नागर के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण आरोपी ने दुर्गाशंकर की हत्या करवाने की योजना बनाई। आरोपी ने परिवादी को सात लाख रुपये की सुपारी देने का प्रस्ताव रखा और उसे दुर्गाशंकर का घर दिखाकर कुल्हाड़ी या चाकू जैसे धारदार हथियारों से हमला करने की सलाह दी।
इनकार करने पर ब्लैकमेलिंग और दबाव
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि जब परिवादी ने इस अपराध को अंजाम देने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी ने धमकी दी कि काम नहीं करने पर डेढ़ गुना राशि वसूली जाएगी। साथ ही परिवादी से जबरन खाली चेक ले लिए गए। परिवादी को यह भय था कि आरोपी किसी भाड़े के हत्यारे के जरिए वारदात को अंजाम दिलवा सकता है।
तकनीकी जांच से जुटाए गए अहम सबूत
पुलिस ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत मोबाइल की जांच की, जिसमें आरोपी और परिवादी के बीच हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग्स मिलीं। इन रिकॉर्डिंग्स में आवाज का विश्लेषण और अनुलेख (ट्रांसस्क्रिप्ट) तैयार किया गया, जो मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बने। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी धनराज मीणा और उसके पिता सियाराम मीणा के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों और दुर्गाशंकर नागर के साथ चल रही पुरानी रंजिश से जुड़े दस्तावेज भी एकत्रित किए।
पहले से दर्ज हैं कई प्रकरण
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पिता सियाराम मीणा और दुर्गाशंकर नागर के बीच पहले से विवाद के मामले दर्ज हैं। थाना खानपुर और थाना कोतवाली झालावाड़ में प्रकरण दर्ज होने के अलावा वर्ष 2025 में अप्रैल और अक्तूबर माह में गाली-गलौच और धमकी देने के परिवाद भी दर्ज किए गए थे। इन सभी तथ्यों ने मामले में रंजिश और अपराध के उद्देश्य को स्पष्ट किया।
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