एनजीटी में चंबल में जा रहे गंदे पानी के नालों को रोकने हेतु याचिका दायर
जाजू की याचिका पर प्रमुख सचिव, कलेक्टर सहित 6 को नोटिस जारी
चंबल में जा रहे गंदे पानी के सैकड़ों नालों को रोकने हेतु पीपल फॉर एनिमल्स के प्रदेश प्रभारी एवं पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू द्वारा अधिवक्ता दीक्षा चतुर्वेदी के मार्फत दायर जनहित याचिका को दर्ज करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल की न्यायाधिपति शिव कुमार सिंह व एक्सपर्ट मेंबर ए सेंथिल की बेंच ने प्रमुख सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जिला कलेक्टर कोटा, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग कोटा, सदस्य सचिव राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, सचिव नगर विकास न्यास कोटा एवं आयुक्त नगर निगम कोटा को नोटिस जारी कर 19 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। जाजू ने याचिका में बताया कि कोटा शहर का 312 एमएलडी गंदा सीवेज के पानी के साथ ही औद्योगिक वेस्ट प्रतिदिन चंबल नदी में जा रहा है जिससे चंबल के पानी की गुणवत्ता अत्यधिक खराब हो रही है जो घड़ियाल क्रोकोडाइल एवं
डॉल्फिन के लिए खतरनाक है। साथ ही चंबल से अनेक जिलों में पेयजल आपूर्ति भी हो रही है जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। जाजू ने बताया कि पूर्व में उनकी याचिका संख्या 384/2014 पर ईटीपी ट्रीटमेंट प्लांट लगाया था जिसकी क्षमता मात्र 50 एमएलडी ही है। उल्लेखनीय है की चंबल देश की प्रमुख नदी होकर एकमात्र घोषित घड़ियाल सेंचुरी है जिस पर स्थानीय प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जाने से खतरा मंडरा रहा है।
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