ओडिशा: नाबालिग का पार्थिव शरीर पहुंचा भुवनेश्वर, अंतिम विदाई आज
नीमापाड़ा: ओडिशा में पुरी जिले के बलंगा में पिछले महीने 19 जुलाई को बदमाशों ने कथित तौर पर 15 साल की एक लड़की को आग के हवाले कर दिया था. जिसका शनिवार 2 अगस्त को निधन हो गया. जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात पीड़िता का शव भुवनेश्वर पहुंचा. इसके बाद उसका शव गांव ले जाया गया. पूरा गांव गमगीन है.
वहीं, आज उसका रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा. हवाई अड्डे पर राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद रहे. ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने भी बलंगा पीड़िता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की. इस बीच, बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद निरंजन बिशी ने इस घटना को लेकर ओडिशा सरकार की कड़ी आलोचना की और इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया. बीजद सांसद ने कहा कि यह ओडिशा राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता का मामला है. सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है. स्कूल और कॉलेजों के छात्र सुरक्षित नहीं हैं और ओडिशा के लोग राज्य में कानून-व्यवस्था की बहाली की मांग कर रहे हैं.
बिशी ने राज्य प्रशासन पर विपक्ष पर दोष मढ़कर ज़िम्मेदारी से बचने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि तो सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए कह रही है कि विपक्ष राजनीति कर रहा है. इससे पहले रविवार को ओडिशा के उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने विपक्ष से मामले का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा. उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं. डिप्टी सीएम देव ने कहा कि मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. राज्य सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाए. उन्हें दिल्ली एम्स भी भेजा गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. विपक्षी दलों को ऐसे मामलों का राजनीतिकरण करने से दूर रहना चाहिए. सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. उन्होंने कहा कि पीड़िता का परिवार भी सरकार के साथ खड़ा है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार सरकार के साथ नहीं खड़ा होता, लेकिन परिवार सरकार के साथ है और वे कह रहे हैं कि सरकार ने अपना सर्वश्रेष्ठ किया है और वे इससे संतुष्ट हैं, इसलिए मामले में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप दुर्भाग्यपूर्ण है. पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की अपने दोस्तों के साथ बाहर गई थी, लेकिन उसे कथित तौर पर बीच रास्ते से अगवा कर लिया गया और नदी के किनारे ले जाकर उसे आग लगा दी गई.
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