पंजाब विधानसभा सत्र में सियासी घमासान, श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही स्थगित
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार, 1 मई 2026 को भारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच शुरू हुआ। 'कीर्ति दिवस' (मजदूर दिवस) के अवसर पर बुलाए गए इस एक दिवसीय सत्र की शुरुआत में सदन ने महान हस्तियों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन इसके तुरंत बाद सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने अपनी सरकार के प्रति 'विश्वासमत प्रस्ताव' पेश किया है, जिसे हाल ही में पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने और 'ऑपरेशन लोटस' के आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
मजदूरों के नाम सत्र: न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव
राज्य सरकार ने इस सत्र को 'मजदूर दिवस' को समर्पित किया है। सदन में सत्ता पक्ष की ओर से राज्य में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने को लेकर एक महत्वपूर्ण संकल्प (Resolution) पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न मजदूर संघों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में सदन में आमंत्रित किया। सरकार का कहना है कि यह सत्र उन मेहनतकश लोगों को समर्पित है जो राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं। इसके अतिरिक्त, सत्र में 'मनरेगा' योजना में केंद्र द्वारा किए गए बदलावों और उनके श्रमिकों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
सियासी टकराव: भाजपा का समानांतर सत्र और कांग्रेस का घेराव
सदन के भीतर और बाहर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है:
-
भाजपा का बहिष्कार: भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने आधिकारिक सत्र का पूरी तरह बहिष्कार किया। इसके बजाय, भाजपा नेताओं ने चंडीगढ़ स्थित अपने पार्टी मुख्यालय पर एक समानांतर 'जनता की विधानसभा' (People's Assembly) आयोजित कर सरकार को चुनौती दी।
-
कांग्रेस का प्रदर्शन: कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर 'घेराव' किया। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल खैरा ने आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों के नाम पर केवल 'राजनीतिक ड्रामा' कर रही है ताकि असल मुद्दों और पार्टी के भीतर मचे आंतरिक कलह से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
-
सदन में नोकझोंक: सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बीच तीखी बहस हुई, जिसके कारण कार्यवाही में कई बार व्यवधान पड़ा।
सदन की कार्यवाही अभी जारी है, जहाँ विश्वासमत पर चर्चा के साथ-साथ राज्य के नए प्रिज़न बिल (Prisons Bill) और बेअदबी कानून में स्पष्टीकरण जैसे विधायी कार्यों के भी संपन्न होने की संभावना है।
भारत ने श्रीलंका को नहीं दिया कोई मौका, यूथ टेस्ट सीरीज 211 रन की जीत के साथ समाप्त
NSA कार्रवाई पर ओवैसी ने सरकार को घेरा, कहा- क्या विरोध करना अब अपराध है?
सरकार का बड़ा दावा, CJP आंदोलन पर 24 घंटे में चार बार बातचीत की पेशकश
पेपर लीक मामले में कांग्रेस आक्रामक, मोदी सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर अमित शाह का समर्थन, आंदोलन को लेकर विपक्ष को दी नसीहत
पहले टी20 से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा मंत्र, खिलाड़ियों से कहा- बेखौफ खेलो
भारत से मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे ने बदली टीम, आखिरी वक्त पर लिया बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश को मिलेगी नई पहचान, ग्वालियर में आकार लेगा पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
शेयर बाजार में कमाई का मौका! इन 5 स्टॉक्स पर मोतीलाल ओसवाल ने जताया भरोसा
NEET विवाद पर नितिन नवीन का बड़ा बयान, बोले- विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब