13 को पंजाबी सिख समाज लोहड़ी महोत्सव मनायेगा
जयपुर । जयपुर का पंजाबी-सिख समाज इस बार धार्मिक आयोजन में पर्यावरण और गौ संरक्षण का संदेश भी देगा राजापार्क के मुख्य चौराहे पर लोहड़ी में गौ काष्ठ, गाय का देसी घी, 31 जड़ी बूटियों और हवन सामग्री के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के लोहड़ी प्रज्ज्वलित की जाएगी. राजापार्क के अलावा भी शहर में 500 स्थान पर करीब 200 क्विंटल गौ काष्ठ का इस्तेमाल करते हुए 300 से ज्यादा पेड़ों को बचाया जाएगा।
13 जनवरी को देशभर में पंजाबी-सिख समाज लोहड़ी महोत्सव मनाएगा, लेकिन जयपुर की लोहड़ी खास होगी. यहां पर्यावरण को संरक्षण देने के लिए राजापार्क गौ सेवा समिति, राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा, राजापार्क व्यापार मंडल और सर्व मंगल सेवा समिति मिलकर लोहड़ी प्रज्ज्वलन गौ काष्ठ से करेंगे. राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के अध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि लोहड़ी पर्व का पंजाबी समुदाय में विशेष महत्व है, जिसका आयोजन 13 जनवरी की शाम राजापार्क के मुख्य चौराहे पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें गौ काष्ठ, देसी घी, 31 जड़ी बूटियों और हवन सामग्री के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के लोहड़ी प्रज्ज्वलित की जाएगी. उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बीते छह वर्षों से यहां लकड़ी की जगह गौ काष्ठ का उपयोग किया जा रहा है. लोहड़ी प्रज्ज्वलन, होलिका दहन, मांगलिक कार्यों और हवन आदि के लिए गौ काष्ठ राजापार्क आर्य समाज में उपलब्ध होती है. लोहड़ी प्रज्ज्वलन के लिए 6 किलो की पैकिंग 100 रुपए में और 12 किलो की पैकिंग 200 रुपए में दी जा रही है. इससे प्राप्त राशि बगरू स्थित रामदेव गौ शाला में भेजी जाएगी, जिसे वहां गौ माता के कार्यों में लगाया जाएगा।
किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
निर्माणाधीन सुरंग हादसे से मचा हड़कंप, 10 मजदूरों की गई जान
कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, राहुल-अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में
मणिपुर में बदलते हालात, KCP के 46 कैडरों के आत्मसमर्पण से शांति प्रक्रिया को मिली मजबूती