विवादों और विरोध के बीच रींगस-खाटूश्यामजी नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी
खाटूश्यामी। विवादों और विरोध के बीच अंतत: रेल मंत्रालय (उत्तर पश्चिमी रेलवे, निर्माण संगठन) ने रींगस-खाटूश्यामजी के बीच 17.49 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होते ही क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
अधिसूचना के अनुसार रेल मंत्रालय आठ अगस्त को 24.2811 हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगा। यह भूमि रींगस, कोटड़ी धायलान, चारणवास, पीरावली, देवीपुरा, लांपुवा, तपीपल्या, आभावास, कैरपुरा और खाटूश्यामजी गांवों में है। अधिसूचना में प्रभावित किसानों के नामों के साथ-संबंधित बैंक विवरण भी शामिल हैं।
ग्रामीणों ने की थी प्रोजेक्ट निरस्त करने की मांग
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर इस प्रोजेक्ट को निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। गौरतलब है कि रेलवे की ओर से रींगस-खाटूश्यामजी के बाद खाटू से सुजानगढ़ (वाया सालासर) तक रेल मार्ग विस्तार की योजना में पहले चरण में खाटू से पलसाना तक का सर्वे करवा कर मार्किंग भी करवाई जा चुकी है।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
रींगस से खाटूश्यामजी तक 17.9 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाई जानी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 160 किमी प्रति घंटे की गति के लिए ट्रेक की मजबूती के अलावा सिग्नलिंग व फेंसिंग सहित सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। नई डीपीआर से रींगस से खाटूश्यामजी तक का सफर कम समय में पूरी सुरक्षा के साथ होगा।
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