अंबिकापुर में लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर ट्रांसफार्मर पर बवाल
Ambikapur: अंबिकापुर में लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर नगर निगम के आदेश की विपरीत लगाए जा रहे बिजली ट्रांसफार्मर को हटाए जाने की मांग कर रहे लोगों और अस्पताल प्रबंधन के बीच कल जमकर विवाद हुआ. इसी दौरान स्थानीय पत्रकार सुशील बखला के साथ मारपीट की घटना हुई. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. वही अभी भी स्थानीय लोग ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग में अड़े हुए हैं.
लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के बाहर लगे ट्रांसफार्मर हटाने लोगों ने जमकर किया हंगामा
अंबिकापुर के लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल की बिल्डिंग को सबसे पहले नगर निगम ने नक्शा के विपरीत बनाने की वजह से अवैध घोषित कर दिया वहीं नगर निगम ने आदेश जारी किया कि इस अवैध बिल्डिंग के हिस्से को तोड़ा जाए और अगर 15 दिवस के भीतर अस्पताल प्रबंधन अपनी बिल्डिंग को नहीं तोड़ता है. तब नगर निगम प्रशासन अवैध निर्माण के हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई करेगा और इसमें खर्च होने वाले रुपए की वसूली बिल्डिंग के मालिक से की जाएगी, लेकिन करीब 2 महीने का वक्त बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई इसी बीच अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर सड़क किनारे बिजली ट्रांसफार्मर बिजली कंपनी के माध्यम से लगाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने इसका भी विरोध किया और उनका कहना था कि सकरी गली में सड़क किनारे ट्रांसफार्मर लगाए जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
नगर निगम प्रशासन से की गई शिकायत
इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत नगर निगम प्रशासन से की. इस पर नगर निगम आयुक्त ने बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखा और कहा कि अस्पताल की बिल्डिंग अवैध है और वहां पर बिजली ट्रांसफार्मर लगाने से परेशानी होगी क्योंकि पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में तत्काल बिजली ट्रांसफार्मर को हटाया जाए. नगर निगम कमिश्नर के इस आदेश का पालन करने के लिए लोग बिजली विभाग के अधिकारियों से यहां पर मांग कर रहे थे लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी नगर निगम के इस आदेश का पालन करने के बजाय बिजली ट्रांसफार्मर को चालू करने की तैयारी कर रहे थे और इसी वजह से स्थानीय लोग भड़क गए.
प्रबंधन और आम लोगों के बीच जमकर हुआ विवाद
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन और आम लोगों के बीच जमकर विवाद हुआ अस्पताल की नर्स अस्पताल के मुख्य गेट में आ गईं और उनके द्वारा भी ट्रांसफार्मर लगाए जाने का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ शोरगुल करना शुरू कर दिया गया.
करीब 3 घंटे विवाद होने के बाद बिजली कंपनी के लोगों ने ट्रांसफार्मर में दिए गए कनेक्शन को काटा लेकिन इसके बाद अस्पताल प्रबंधन के लोग और आम लोगों के बीच विवाद बढ़ता ही गया. करीब 4:30 बजे अस्पताल से डॉक्टर अपनी कार से बाहर निकल रहे थे इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और तब उसका वीडियो बना रहे पत्रकार सुशील बखला के साथ भी मारपीट की गई. हालांकि इस मामले में पुलिस ने देर शाम पत्रकारों के द्वारा थाना में पहुंचकर प्रदर्शन किए जाने के बाद तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है.
कुल मिलाकर नगर निगम के आदेश का अगर समय रहते बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने पालन कर लिया होता तो कल विवाद नहीं हुई होती. सवाल इस बात का है कि आखिर नगर निगम के आदेश और लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने फैसला समय रहते क्यों नहीं लिया. वहीं अभी भी सवाल है कि आखिर नगर निगम ने ट्रांसफार्मर हटाने के लिए पत्र लिखा है तो फिर बिजली कंपनी के अधिकारी अभी तक ट्रांसफार्मर को क्यों नहीं हटा सके हैं.
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