चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा
बीजिंग: चीन में भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ा प्रहार; दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को 'मौत की सजा', सैन्य गलियारों में हड़कंप
बीजिंग। भ्रष्टाचार के खिलाफ चीन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया गया है। चीनी सैन्य अदालत ने देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, ली शांगफू और वेई फेंगहे को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में दोषी करार देते हुए 'मौत की सजा' सुनाई है। हालांकि, इस सजा के साथ दो साल की मोहलत (सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस) भी दी गई है।
क्या है सजा का प्रावधान?
चीनी कानून के तहत 'सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस' का अर्थ है कि यदि अगले दो वर्षों तक दोषियों का आचरण सही रहता है और वे किसी नए अपराध में लिप्त नहीं पाए जाते, तो उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा।
किन आरोपों में घिरे पूर्व मंत्री?
चीनी सरकारी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार:
-
वेई फेंगहे (2018-2023): चीन की सेना के प्रभावशाली नेता रहे वेई फेंगहे को भारी मात्रा में रिश्वत लेने का दोषी पाया गया है। उन पर रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे।
-
ली शांगफू (अक्टूबर 2023 तक): वेई फेंगहे के उत्तराधिकारी रहे ली शांगफू पर रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने के आरोप भी साबित हुए हैं। बता दें कि रूसी सैन्य उपकरणों की खरीद के कारण अमेरिका ने उन पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखे थे।
शी जिनपिंग का 'क्लीनअप' अभियान
यह कठोर फैसला राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसे उन्होंने सत्ता संभालने के बाद शुरू किया था।
-
सैन्य आयोग में बदलाव: रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) का ढांचा पूरी तरह बदल चुका है। पहले 11 सदस्यों वाले इस आयोग में अब शी जिनपिंग के अलावा केवल एक ही पुराना सदस्य बचा है।
-
राजनीतिक संदेश: विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई के जरिए जिनपिंग ने न केवल भ्रष्टाचार पर चोट की है, बल्कि सेना और सरकार पर अपनी राजनीतिक पकड़ को भी अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर लिया है।
चीनी राजनीति पर प्रभाव
इन सजाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। वर्तमान में डोंग जून चीन के रक्षा मंत्री हैं, लेकिन उन्हें अभी तक केंद्रीय सैन्य आयोग में शामिल नहीं किया गया है, जिससे चीन के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। यह फैसला एक स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार के मामलों में चीन में किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अनशन खत्म करने से पहले सोनम वांगचुक की सरकार से बड़ी मांग, पत्र लिखकर रखी शर्त
सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, सपा की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कार्रवाई
शिवसेना विवाद: उद्धव गुट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार, बागी सांसदों और लोकसभा सचिवालय को नोटिस
क्वाड बैठक में जयशंकर का बड़ा बयान, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत पर दिया जोर
सावधान! मध्य प्रदेश में 'चड्डी-बनियान गैंग' की दस्तक, पुलिस ने जारी की चेतावनी
पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- 10 साल में 152 मामले, लेकिन कार्रवाई नहीं
भोजशाला मामले में नया मोड़, नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद
बिजासन माता मंदिर में श्रद्धालुओं की पिटाई का आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
अवैध निर्माण पर सख्ती, निगम ने 50+ बिल्डिंग नक्शे जांच के दायरे में लिए