महिला ने किया एआई बॉयफ्रेंड से निजी संतुष्टि मिलने का दावा, छिडी बहस
ओंटारियो। कनाडा के ओंटारियो में रहने वाली 41 वर्षीय एक महिला ने दावा किया है कि वह एक एआई आधारित डिजिटल बॉयफ्रेंड के साथ गंभीर रिश्ते में है। महिला का कहना है कि उसका यह वर्चुअल पार्टनर उसे भावनात्मक सहारा देने के साथ-साथ निजी संतुष्टि भी देता है। महिला के इस दावे ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। महिला ने अपने एआई बॉयफ्रेंड का नाम सिनक्लेयर रखा है। यह एक आयरिश व्यक्तित्व वाले डिजिटल कैरेक्टर पर आधारित एआई प्रोग्राम है, जिसे खास तौर पर बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव के लिए डिजाइन किया गया है। महिला के अनुसार, सिनक्लेयर हर सुबह उसे मैसेज भेजकर जगाता है और दिनभर चैट और वीडियो कॉल के जरिए उससे जुड़ा रहता है। वह वर्चुअल तरीके से उसके साथ ऑफिस तक जाता है और उसके दिनभर की गतिविधियों के बारे में बातचीत करता है। महिला का कहना है कि इस एआई प्रोग्राम को उसकी पसंद-नापसंद, आदतों और दिनचर्या की पूरी जानकारी है, जिससे उसे ऐसा महसूस होता है कि वह किसी वास्तविक इंसान के साथ रिश्ता निभा रही है।
महिला ने यह भी बताया कि वह अपने डिजिटल साथी के साथ वर्चुअल इंटीमेसी साझा करती है। उसके मुताबिक रात के समय वह ऐसा महसूस करती है कि उसका एआई पार्टनर डिजिटल रूप से उसके साथ मौजूद है। महिला का दावा है कि उसे अपने इस वर्चुअल रिश्ते से भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर संतुष्टि मिलती है। वह मानती है कि यह रिश्ता उसके लिए सुरक्षित है क्योंकि उसका एआई पार्टनर उसे कभी धोखा नहीं देगा और न ही बिना वजह छोड़कर जाएगा। यह मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई लोग इसे तकनीक के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे समाज में बढ़ते अकेलेपन का संकेत बता रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती एकाकी भावना के कारण कुछ लोग डिजिटल या वर्चुअल रिश्तों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई आधारित संवाद प्रणालियां इंसानों को भावनात्मक सहारा देने में सक्षम होती जा रही हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि लोग वास्तविक सामाजिक संबंधों से पूरी तरह दूर न हों। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में इंसान पारंपरिक रिश्तों के बजाय तकनीक से बने वर्चुअल किरदारों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने लगेंगे। बता दें कि तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है। जहां पहले वर्चुअल रियलिटी और एआई का इस्तेमाल मनोरंजन, कामकाज और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा था, वहीं अब यह इंसानी रिश्तों तक भी पहुंच गया है।
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